Tutago In Dainik Jagran

30 Sep 2018 ,News ,Team Tutago

स्कूल और कॉलेज में विषय समझ न आने पर छात्र ट्यूशन और कोचिंग का सहारा लेते हैं। लेकिन इसके लिए अच्छा शिक्षक खोज पाना बहुत मुश्किल काम है। अच्छा ट्यूटर न मिलने पर पैसा अौर समय दोनों बर्बाद होता है। इसके लिए शहर के युवा अाकाश ने मोबाइल का सहारा लिया है। उन्होंने "टूटागो (ट्यूटर ऑन द गो)' ऐप बनाया है। यह छात्रों और शिक्षकों को आपस में जोड़ने का काम करता है। छात्र घर बैठे आसानी से अच्छा शिक्षक ढूंढ सकते हैं। वहीं, शिक्षित बेरोजगारों के लिए यह आमदनी का बेहतरीन जरिया भी है।

 26 वर्षीय आकाश आहुजा अपने परिवार के साथ सेक्टर-93 में रहते हैं। उन्होंने बीबीए की पढ़ाई फरीदाबाद के मानव रचना विश्वविद्यालय से 2015 में पूरी की। कुछ नया करने की तमन्ना लिये आकाश ने आगे की पढ़ाई न करके स्टार्टअप के जरिए लोगों को रोजगार देने की सोची। उन्होंने बताया कि इसके लिए छात्र जीवन का अनुभव काम आया। छात्रों को एक अच्छा ट्यूटर ढूंढने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके बाद भी एक अच्छा शिक्षक नहीं मिल पाता। इसको ध्यान में रखते हुए उनके नेतृत्व में टीम के सदस्यों ने टूटागो ऐप बनाया। उनकी टीम में बहन आशिमा आहुजा, अभिजीत सिंह, सूर्य प्रताप सिंह और ललित कुमार शामिल हैं।

घर बैठे मिलेंगे इलाके के शिक्षक
छात्रों को ट्यूशन के लिए शिक्षक की तलाश नहीं करनी पड़ेगी। मोबाइल पर एक क्लिक करते ही घर पर शिक्षक मौजूद होगा। ऐप इलाके में करीब 10 शिक्षकों का विकल्प छात्रों को देता है। छात्र रेटिंग, फीस, विषय और कॉमेंट्स के जरिए अच्छा शिक्षक चुन सकते हैं। ऐप में नर्सरी से लेकर परास्नातक तक के शिक्षक मिलेंगे। इसके अलावा ऐप कूकिंग, नृत्य, वाद्य यंत्र, आर्ट क्राफ्ट, फाइन आर्ट, विदेशी भाषा आदि शौक पूरा करने के लिए इंस्ट्रक्टर की सुविधा भी देता है।

सुरक्षा का रखा गया है पूरा ध्यान
आकाश ने बताया कि ऐप में जूड़ने वाले शिक्षकों के नंबर का पूरा सत्यापन किया जाता है। इसके अलावा उनसे आधार कार्ड भी मांगा जाता है। वहीं, छात्र जब शिक्षक काे बुक कराते हैं तो ट्रेक करने की भी सुविधा है। घर पहुंचने पर छात्र और शिक्षक को अपने मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) डालना होगा। ओटीपी डालते ही पढ़ाई का समय माेबाइल पर शुरू हो जाएगा।

शिक्षित बेरोजगारी को दूर करने का है जरिया देश में शिक्षित बेराेजगारों की बहुत बड़ी फौज है। ऐसे लाेग अपने ज्ञान के जरिए आमदनी कर सकते हैं। इसके लिए उनको केवल एक घंटा रोजाना देना हाेगा, बदले में पचास से लेकर पांच हजार रुपए प्रति घंटे तक कमा सकते हैं। इसका फायदा गृहणी से लेकर कामकाजी लोग भी उठा सकते हैं।

जुड़ चुके हैं करीब 1200 शिक्षक
आकाश ने बताया कि टूटागो अभी बिल्कुल मुफ्त है। उनके ऐप से अब तक 1200 के करीब शिक्षक जुड़ चुके हैं। जब यह संख्या दो हजार पहुंच जाएगी, तब हर शिक्षक से 99 रुपए सालभर का लेंगे। लेकिन छात्र से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। अभी तक ऐप में साढ़े तीन सौ के करीब छात्र जानकारी हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा वह यूट्यब पर छात्रों को मुफ्त में ऑनलाइन कक्षाएं भी मुहैया कराते हैं। इसके लिए वह शिक्षकों को हायर करते हैं।